उत्तराखंड में नए तबादला सीजन की शुरुआत से पहले बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। राज्य में 40 हजार से अधिक कर्मचारियों के तबादले इस बार नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय केंद्र के गृह मंत्रालय के अनुरोध के बाद लिया गया है, जिससे प्रशासनिक स्थिरता और कार्यों की निरंतरता बनाए रखी जा सके।
सूत्रों के अनुसार, राज्य में विभिन्न विभागों—विशेषकर पुलिस, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संवेदनशील सेवाओं—में बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं। वर्तमान परिस्थितियों और आगामी प्रशासनिक दायित्वों को देखते हुए व्यापक स्तर पर तबादलों से बचने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम का उद्देश्य विभागों में कार्य प्रभावित न हो और जनसेवाओं की गति बनी रहे।
गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को भेजे गए अनुरोध में कहा गया है कि फिलहाल बड़े पैमाने पर स्थानांतरण से प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसलिए आवश्यक और अपरिहार्य मामलों को छोड़कर सामान्य तबादलों पर रोक रखने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि केवल विशेष परिस्थितियों, शिकायतों या प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर ही सीमित तबादले किए जाएंगे। सामान्य तबादला प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखा जाएगा।
कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि बार-बार के तबादलों से कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानी होती है। वहीं कुछ वर्गों का मानना है कि पारदर्शी और संतुलित तबादला नीति भी उतनी ही आवश्यक है।
आगामी दिनों में राज्य सरकार इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। फिलहाल यह निर्णय हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।



