देहरादून। शिक्षा निदेशक के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद उत्पन्न विवाद पर अब विधायक काऊ ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि उनके व्यवहार या किसी भी परिस्थिति से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं।
विधायक काऊ ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस पूरे घटनाक्रम से शिक्षा जगत में असहज स्थिति बनी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य पर लौटें। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य बाधित होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसे टालना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विधायक काऊ ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में संवाद और समन्वय के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बातचीत ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोत्तम माध्यम है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त था और कार्य बहिष्कार की स्थिति बन गई थी। विधायक की ओर से सार्वजनिक माफी और अपील को मामले को शांत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए अब सभी पक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



