देहरादून। उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में पहली बार मंडल स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर तक संगठन को और अधिक सक्रिय, संगठित और परिणामोन्मुख बनाना है। मंडल स्तर पर आयोजित हो रहे इन सत्रों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों की रणनीति, सरकार की उपलब्धियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने के तौर-तरीकों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से बूथ सशक्तिकरण, मतदाता संपर्क अभियान, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और लाभार्थी वर्ग तक सीधी पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ ही चुनावी जीत की कुंजी है। इसी रणनीति के तहत प्रत्येक मंडल में संगठन की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस बार भाजपा आक्रामक चुनावी रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। सरकार की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार, पर्यटन, रोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मंडल स्तर पर प्रशिक्षण की यह पहल संगठन को और अधिक अनुशासित तथा लक्ष्य केंद्रित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। भाजपा नेतृत्व लगातार तीसरी जीत को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देख रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ऐसे में भाजपा का मंडल स्तर पर प्रशिक्षण अभियान चुनावी माहौल को और अधिक सक्रिय बनाने वाला कदम माना जा रहा है।



