उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को राजनीति में अपनी प्रतिभा निखारने और नेतृत्व विकसित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिससे राज्य के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
हरीश रावत के अनुसार, राजनीतिक दलों में अभी भी अनुभवी नेताओं का वर्चस्व अधिक है, जिसके चलते नई सोच और ऊर्जा से भरपूर युवा नेतृत्व को आगे आने का अवसर सीमित हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा केवल भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान के परिवर्तनकारी शक्ति भी हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि राजनीतिक संगठनों को चाहिए कि वे युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, उन्हें जिम्मेदार भूमिकाएं दें और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उचित मंच प्रदान करें। उनका मानना है कि यदि युवाओं को समय रहते अवसर नहीं दिया गया, तो राज्य की विकास गति प्रभावित हो सकती है।
ऐसे समय में जब उत्तराखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, यह मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।



