हरिद्वार. भूपतवाला स्थित मुखिया गली सुंदर आश्रम मे संत गोसाई कृपाराम जी सहाय शिव मंदिर होणड भूतपूर्व सभापति महंत श्री 1008 चंद्रेश्वर गिरी जी महाराज की बरसी भंडारा पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े धूमधाम से मनाया गया 8 मई 2024 से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ तत्पश्चात 15 मई 2024 को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम के महंत श्री ऋषि गिरी जी महाराज ने कहा जिन भक्तों को गुरु का सानिध्य प्राप्त होता है वह भक्त बड़े ही भाग्यशाली होते हैं धर्म कर्म और पुण्य के कार्य मनुष्य को सुख शांति वैभव और समृद्धि प्रदान करते हैं सभी ने ब्रह्मलीन संत चन्देश्वर जी महाराज को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की कार्यक्रम के दौरान अपने आप को कोतवाल बताने वाले रामेश्वर गेट पर संत महापुरुषों के साथ धक्का मुक्की करता हुआ नजर आया साथ ही उसने मीडिया के कार्य में भी बांधा डालने का प्रयास किया तथा मीडिया कर्मियों को काफी समय तक गेट पर रोके रखा कुछ संत वहां यह कह रहे थे कि यह दिन में ही नशा कर लेता है तथा इसी प्रकार के कुकृत्य अक्सर करता नजर आता है अपने आप को जूना अखाड़े द्वारा घोषित कोतवाल बताकर लोगों पर रोप भी झाड़ता है भंडारे में आने वाले संत महापुरुषों को अक्सर यह हाथ से धक्का देता नजर आता है तथा वजुर्ग संतो को धक्का देकर कई बार गिर भी देता है इस प्रकार के व्यक्ति को धार्मिक अनुष्ठानों में कार्य दिया जाना गलत है यह संतों की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है इतना ही नहीं कुछ कबाडी जो कि कबाड़ की खरीदारी करने का कार्य करते हैं उन्हें कुर्ते पजामे पहनकर भंडारों में बुलाता है तथा बड़े-बड़े अखाड़े तथा आश्रमों का उन्हें कोठारी बता कर प्राइवेट दक्षिणा भी दिलाते कई बार अक्सर भंडारों में देखा जाता है तथा इसे आश्रमों से प्राप्त होने वाली दक्षिण का उपयोग नशा करने के लिए करता है जो भी धर्मस्थल ऐसे कुकृत्य करने वाले कथित नशेड़ी को धार्मिक आयोजन के समय गेट पर खड़ा करता है तथा इसे अपने आश्रम के निमंत्रण बंटवाता है वह सनातन परंपरा को ठेस पहुंचाने का कार्य कर रहा है ऐसे कथित व्यक्ति को आश्रमों में घुसने भी नहीं देना चाहिए ऐसे व्यक्ति को समाज को दंडित करना चाहिए।



