राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में हाल में सामने आए मारपीट और अव्यवस्था के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया शीघ्र तैयार की जाए।
प्रकरण की पृष्ठभूमि
हाल ही में एक सरकारी कार्यालय में हुए मारपीट के मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न खड़े किए थे। घटना के उपरांत कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया तथा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
- सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य स्थापना सुनिश्चित की जाए।
- आवश्यकतानुसार सुरक्षा कर्मियों की संख्या में वृद्धि की जाए।
- कार्यालय परिसरों में प्रवेश के लिए पहचान पत्र और आगंतुक पंजीकरण प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाए।
- संवेदनशील विभागों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए जाएँ।
- किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रभावी त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने या अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रस्तावित एसओपी के प्रमुख बिंदु
प्रस्तावित मानक संचालन प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रावधान सम्मिलित किए जाने की संभावना है—
- कार्यालयों में आगंतुकों के प्रवेश एवं सत्यापन की स्पष्ट प्रक्रिया।
- विवाद या तनाव की स्थिति में तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना देने की व्यवस्था।
- संवेदनशील अभिलेखों एवं अधिकारियों की सुरक्षा हेतु विशेष दिशा-निर्देश।
- आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी की कार्ययोजना।
- कर्मचारियों के लिए समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम।
कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश
मुख्यमंत्री के इस निर्णय को कर्मचारियों एवं प्रशासनिक वर्ग ने सकारात्मक पहल बताया है। उनका मत है कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों एवं सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था से कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित होगा, जिससे अधिकारी एवं कर्मचारी निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि शीघ्र ही एसओपी को अंतिम रूप देकर उसे राज्यभर के सभी सरकारी कार्यालयों में लागू किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



