देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है, जबकि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है।
हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था लागू की है, ताकि श्रद्धालुओं की संख्या को व्यवस्थित किया जा सके और सुरक्षा प्रबंध बेहतर बनाए जा सकें।
प्रशासन के अनुसार श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ही पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख केंद्रों पर काउंटर भी बनाए जाएंगे, जहां से श्रद्धालु आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार बैठक कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। सड़कों की मरम्मत, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, हेल्पलाइन और सूचना केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर आने से पहले पंजीकरण अवश्य कराएं और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सभी के लिए सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।



