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नगरपालिका के उत्तरदायी अधिकारियों की कार्यप्रणाली और निगरानी में कमी के चलते उत्तरकाशी नगर का मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। तांबाखानी स्थित स्वागत गेट के पास जमा हो रहा कूड़ा अब एक गंभीर समस्या बन चुका है।
आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए यह स्थिति और भी चिंताजनक है, क्योंकि इसी मार्ग से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक उत्तरकाशी में प्रवेश करेंगे। ऐसे में प्रवेश द्वार पर फैला कूड़ा शहर की छवि को धूमिल कर रहा है।
स्थानीय सभासद एवं स्वच्छता समिति सदस्य अमरीकन पुरी ने बताया कि एक ओर पुराना कूड़ा लगभग पूरी तरह से हटाया जा चुका है, वहीं दूसरी ओर प्रतिदिन उत्पन्न होने वाला कूड़ा फिर से उसी स्थान पर इकट्ठा होने लगा है।
भीषण गर्मी के बीच कूड़े से उठ रही दुर्गंध और फैलती गंदगी स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ सकती है।
उन्होंने बताया कि लगभग तीन माह पूर्व ही स्वच्छता समिति ने नगरपालिका को स्पष्ट सुझाव दिया था कि तांबाखानी क्षेत्र में करीब 30 मीटर आगे बैरिकेटिंग की जाए, जिससे कूड़े का ढेर पीछे की ओर न बढ़ सके, और प्रतिदिन कूड़े का नियमित निस्तारण किया जाए। बावजूद इसके, नगरपालिका प्रशासन द्वारा अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इसके साथ ही यह भी आरोप सामने आया है कि स्वच्छता समिति को दरकिनार कर टेंडर, भुगतान और निविदा से जुड़े निर्णय लिए जा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत हैं। समिति गठन के बाद इन विषयों में उसकी भूमिका अनिवार्य होती है।
जहां एक ओर नगरपालिका बोर्ड स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के प्रयास कर रहा है, वहीं विभागीय स्तर पर हो रही लापरवाही इस समस्या को और गंभीर बना रही है।
यात्रा सीजन शुरू होने में अब केवल कुछ दिन शेष हैं। यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो उत्तरकाशी आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत कूड़े के ढेर से होगा—जो न केवल शहर की छवि के लिए, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करेगा।



