रिपोर्टर: सुधांशु थपलियाल / कोटद्वार
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से होने जा रहा है। इस दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, जबकि केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विशेष रूप से यात्रा मार्गों पर इस्तेमाल होने वाले घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग पर, सिद्धबली मंदिर के समीप पशुपालन विभाग द्वारा एक विशेष चौकी स्थापित की गई है। इस चौकी पर यात्रा में शामिल होने वाले घोड़े और खच्चरों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जा रही है।
कोटद्वार के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वृज मोहन गुप्ता ने बताया कि जिन पशु मालिकों के पास अपने घोड़े या खच्चरों का वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र नहीं होगा, उन्हें यात्रा में आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल अप्रैल माह में जारी किए गए मेडिकल प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे, पुराने प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
पशु चिकित्सकों की टीम न केवल प्रमाण पत्रों की जांच करेगी, बल्कि पशुओं के टैग नंबर का सत्यापन और उनका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण भी करेगी। यदि जांच के दौरान कोई पशु बीमार या अस्वस्थ पाया जाता है, तो उसे यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पशुपालन विभाग का यह कदम चारधाम यात्रा के दौरान पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



