देहरादून/हरिद्वार/हल्द्वानी।
रंगों का पर्व होली इस वर्ष पूरे उत्तराखंड में हर्षोल्लास और परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहरों और गांवों में रंग-गुलाल उड़ता नजर आया। गली-गली बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की टोलियां ढोल-दमाऊं की थाप पर थिरकती दिखीं।
राजधानी देहरादून से लेकर हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और पर्वतीय जिलों तक हर जगह होली की धूम रही। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। घर-घर में पारंपरिक पकवान, खासकर गुजिया, मालपुए और दही-बड़े की खुशबू से माहौल महक उठा।

कुमाऊं अंचल में बैठकी और खड़ी होली की विशेष रौनक देखने को मिली। शास्त्रीय रागों पर आधारित होली गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं गढ़वाल में भी लोकगीतों और ढोल-दमाऊं की थाप पर होल्यारों ने रंग जमाया।
मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर भी होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। कई स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक वेशभूषा ने उत्सव को और भी खास बना दिया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी में रहीं, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
रंग, संगीत, मिठास और अपनत्व से सजी होली 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक उल्लास की परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है।
आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌸🎨



